सांसद डॉ. नरेश बंसल ने स्वदेश दर्शन परियोजनाओं पर उठाया सवाल, पर्यटन मंत्री ने दी विस्तृत जानकारी

  • स्वदेश दर्शन के तहत 76 परियोजनाएं स्वीकृत, 75 पूरी; स्वदेश दर्शन 2.0 और सीबीडीडी पहल से पर्यटन स्थलों के समग्र विकास पर जोर

देहरादून : भाजपा के राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने संसद में स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत स्वीकृत पर्यटन परियोजनाओं को लेकर प्रश्न उठाया। इस पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सदन में विस्तृत जानकारी देते हुए देश में पर्यटन अवसंरचना के विकास से जुड़े आंकड़े साझा किए।

भाजपा के राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद Naresh Bansal ने संसद में स्वदेश दर्शन योजना से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए। उन्होंने पर्यटन मंत्री से पूछा कि स्वदेश दर्शन और स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या कितनी है, अब तक कितनी परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, तथा चुनौती आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी) पहल के उद्देश्य और इसके अंतर्गत समर्थित परियोजनाओं की श्रेणियां क्या हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों के विकास के लिए दीर्घकालिक ब्याज रहित वित्तीय सहायता का उपयोग किया जा रहा है और यदि हां, तो उसका विवरण क्या है।

संसद में इस प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्री Gajendra Singh Shekhawat ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने वर्ष 2014-15 में देश में विषयगत पर्यटन परिपथों के विकास के उद्देश्य से Swadesh Darshan Scheme की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत देश में पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए 5290.33 करोड़ रुपये की लागत से कुल 76 पर्यटन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें से 75 परियोजनाएं भौतिक रूप से पूरी हो चुकी हैं।

मंत्री ने आगे बताया कि इस योजना को बाद में स्थायी और उत्तरदायी पर्यटन स्थलों के विकास के उद्देश्य से Swadesh Darshan 2.0 के रूप में पुनर्गठित किया गया। इसके अंतर्गत 2208.31 करोड़ रुपये की लागत से 53 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जो वर्तमान में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कार्यान्वयन के अलग-अलग चरणों में हैं।

पर्यटन मंत्रालय ने इसके साथ ही Challenge Based Destination Development (CBDD) पहल के तहत भी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। इस पहल के अंतर्गत संस्कृति एवं विरासत, आध्यात्मिक पर्यटन, जीवंत ग्राम तथा पारिस्थितिकी पर्यटन एवं अमृत धरोहर स्थल जैसी चार श्रेणियों में 697.94 करोड़ रुपये की लागत से 38 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

उन्होंने कहा कि सीबीडीडी पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यटन स्थलों का समग्र विकास करना, पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना और पर्यटन स्थलों को स्थायी तथा उत्तरदायी गंतव्यों के रूप में विकसित करना है।

मंत्री ने यह भी बताया कि देश के प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों के विकास के लिए पर्यटन मंत्रालय ने पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के टेम्पलेट और परिचालन दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3295.76 करोड़ रुपये की लागत से 40 परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है।

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